(लालकुआं) डीएम को ज्ञापन से लेकर विशाल आंदोलन तक, बिंदुखत्ता राजस्व गांव की मांग पर आर-पार की तैयारी

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लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन एक बार फिर तेज होने जा रहा है। कांग्रेस, भाकपा (माले), बिंदुखत्ता राजस्व गांव संघर्ष समिति और इंडिया गठबंधन से जुड़े संगठनों की बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति तय की गई।

कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप सिंह बथ्याल के आह्वान पर आयोजित बैठक में आठ दर्जन से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सितंबर के प्रथम सप्ताह में प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा। इसके बाद अक्टूबर में विशाल कार्यक्रम आयोजित कर व्यापक जनआंदोलन की घोषणा की जाएगी।

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बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बिंदुखत्ता का विकास वर्षों से चले संघर्षों की देन है। राजस्व गांव का दर्जा भी संघर्ष के माध्यम से हासिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्व गांव का दर्जा नहीं मिलने के कारण क्षेत्रवासियों को लंबे समय से प्रशासनिक और विकास संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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बैठक में 18 फरवरी को लालकुआं में हुए विशाल प्रदर्शन का भी जिक्र किया गया। आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि शासन ने अब भी मांग पर ठोस पहल नहीं की तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा। नेताओं ने क्षेत्रवासियों से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।

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बैठक में पुष्कर दानू, राजेंद्र खनवाल, बलवंत बोरा, भुवन जोशी, विमला देवी, किशन सिंह जग्गी, कैप्टन बलवंत सिंह कोरंगा, सूबेदार मेजर नंदन सिंह तुलेड़ा, सूबेदार मेजर कुंदन सिंह मेहता सहित आठ दर्जन से अधिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।

फोटो परिचय: बिंदुखत्ता में बैठक करते इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ता।

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