हल्द्वानी। गौलापार के विजयपुर गांव के ग्रामीण पुल नहीं होने से वर्षों से परेशान हैं। सूखी नदी पर पुल निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। समस्या के समाधान की मांग को लेकर सोमवार को गांव के छात्र-छात्राओं से लेकर बुजुर्गों तक ने बुद्ध पार्क में भूख हड़ताल शुरू कर दी।
छात्र-छात्राओं का कहना था कि उन्हें पुस्तकों से पहले पुल की जरूरत है। बारिश के दौरान सूखी नदी में पानी आने पर कई दिनों तक स्कूल जाना बंद करना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। ग्रामीणों ने कहा कि बार-बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने समस्या उठाने के बावजूद समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते उन्हें भूख हड़ताल का सहारा लेना पड़ा।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी एसडीएम कार्यालय परिसर में धरना देकर प्रशासन को चेताया गया था, लेकिन उनकी मांगों को अनदेखा कर दिया गया। अब एक बार फिर मानसून नजदीक आने से गांव के लोगों में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि पुल नहीं बनने से हर साल बरसात में गांव के लोग आवाजाही की समस्या से जूझते हैं और कई बार गांव पूरी तरह कट जाता है।
शाम को प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने भूख हड़ताल स्थगित कर दी।
इस दौरान पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन बिष्ट, परमानंद कोटलिया, तारा दत्त, योगेश सिंह, शंभु दत्त, हरीश सिंह, जीवन सिंह, भैरव दत्त, बालम सिंह चिलवाल, धीरज सिंह, पार्वती देवी, मुन्नी देवी, चंपा देवी और चंदन सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
2013 में हुआ था पुल का शिलान्यास
गौलापार का विजयपुर गांव प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। गांव में करीब 650 ग्रामीण और 450 मतदाता निवास करते हैं। वर्ष 2013 में यहां सूखी नदी पर 180 मीटर लंबे पुल निर्माण का शिलान्यास किया गया था। पुल निर्माण के लिए वर्ल्ड बैंक से करीब तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी तैयार किया गया, लेकिन अब तक बजट स्वीकृत नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 13 वर्षों से वे पुल निर्माण के लिए बजट जारी होने की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन हर मानसून में उन्हें वही पुरानी परेशानी झेलनी पड़ती है।

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