हल्दूचौड़ में ध्वस्तीकरण की आड़ में खुदाई और उपखनिज निकासी के आरोप, यूसीएफ ने शुरू की जांच

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सोयाबीन फैक्ट्री में ध्वस्तीकरण पर उठे सवाल, यूसीएफ ने बैठाई जांच
मलबे की आड़ में खुदाई और उपखनिज निकालने की शिकायत, जांच तक वाहनों की आवाजाही पर रोक

लालकुआं । हल्दूचौड़। स्थित उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) के सोयाबीन एवं वनस्पति कॉम्प्लेक्स परिसर में भवनों के ध्वस्तीकरण को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद यूसीएफ प्रबंधन ने जांच शुरू कर दी है। शनिवार को यूसीएफ महाप्रबंधक त्रिभुवन सिंह रावत ने मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण कार्य का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को मामले की विभागीय जांच के निर्देश दिए।

महाप्रबंधक ने परियोजना प्रबंधक त्रिलोचन पाठक और अवर अभियंता मानवेंद्र सिंह को ध्वस्तीकरण कार्य की सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी करने तथा ठेकेदार से निर्धारित नियमों के अनुसार ही काम कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों की जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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क्षेत्रवासियों की ओर से शिकायत की गई थी कि ध्वस्तीकरण के दौरान मलबे के साथ उपखनिज निकाले जाने के अलावा परिसर में जमीन की गहराई तक खुदाई की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। शिकायतों के बाद यूसीएफ प्रबंधन ने ध्वस्तीकरण स्थल की निगरानी बढ़ा दी है।

अवर अभियंता मानवेंद्र सिंह ने फिलहाल ध्वस्तीकरण स्थल से वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। अब मलबे को परिसर से बाहर ले जाने से पहले उसकी जांच की जाएगी। इसके साथ ही मलबे से संबंधित अभिलेखों का भी मिलान किया जाएगा।

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विद्युत पोल बेचने की भी शिकायत
महाप्रबंधक त्रिभुवन सिंह रावत ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में ध्वस्तीकरण कर रहे ठेकेदार द्वारा कुछ विद्युत पोल स्क्रैप में बेचे जाने की बात सामने आई है। इसकी भी जांच कराई जा रही है। जांच में मामला सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और संबंधित ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

इस दौरान विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी सौरभ जोशी और अवर अभियंता पुष्कर सिंह मेहरा ने भी मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने यूसीएफ अधिकारियों को बताया कि गायब बताए जा रहे पोल यूसीएफ के हैं, जबकि विद्युत विभाग के पोल सुरक्षित हैं।

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अब यूसीएफ की विभागीय जांच और मलबे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि ध्वस्तीकरण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ या नहीं और मलबे के साथ किसी अन्य सामग्री अथवा उपखनिज को बाहर ले जाने की कोशिश की गई या नहीं।

फोटो परिचय: सोयाबीन फैक्ट्री परिसर में ध्वस्तीकरण स्थल का निरीक्षण करते यूसीएफ महाप्रबंधक त्रिभुवन सिंह रावत व अन्य।

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