12 साल बाद फिर शुरू होगी मां नंदा की बड़ी जात, चौसिंग्या खाड़ू की अगुआई में कैलास की ओर बढ़ेगी यात्रा
गोपेश्वर। बारह वर्ष में आयोजित होने वाली मां नंदा देवी की बड़ी जात शनिवार, 5 सितंबर को चमोली जिले के कुरुड़ स्थित नंदा धाम से कैलास के लिए रवाना होगी। करीब 296 किमी की यह कठिन धार्मिक पदयात्रा पांच निर्जन और 21 आबादी वाले पड़ावों से होकर गुजरेगी। यात्रा की अगुआई चार सींग वाले दुर्लभ चौसिंग्या खाड़ू द्वारा की जाएगी, जिसे मां नंदा का शुभदूत और मार्गदर्शक माना जाता है।
बड़ी जात के लिए पहाड़ के गांवों में आस्था और उत्साह का माहौल है। धियाणियां (ब्याहता बेटियां) ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में प्रवासी भी अपने गांव लौट आए हैं। यात्रा विभिन्न पड़ावों से होते हुए 20 सितंबर को होमकुंड पहुंचेगी। यहां पूजा-अर्चना के बाद चौसिंग्या खाड़ू को मां नंदा के साथ कैलास की ओर विदा किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं की वापसी यात्रा शुरू होगी और 30 सितंबर को मां नंदा की डोली के कुरुड़ मंदिर पहुंचने के साथ बड़ी जात का समापन होगा।
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