दहेज हत्या केस में कोर्ट सख्त: पति दोषी, सास-ससुर समेत चार बरी

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रुद्रपुर। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश चंद्र आर्य की अदालत ने दहेज हत्या में पति को सात साल की कारावास की सजा सुनाई है। जबकि सास, ससुर और दो ननद को बरी कर दिया है।
न्यायिक सूत्रों के अनुसार, अन्दुपुर पूरे कल्पी थाना परसपुर करनैल गंज जिला गोंडा उत्तर प्रदेश निवासी अमृत लाल ने सितारगंज कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंप कहा था कि उसकी बहन नेहा की शादी 14 मई 2017 को चूना भट्टी सितारंगज निवासी हीरा लाल से हुई थी।

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शादी के बाद से ही उसकी बहन का पति हीरा लाल, सास सोमवती, ससुर महेंद्र, ननद कंचन और आरती दहेज के लिए उसे परेशान करते थे। इससे परेशान होकर उसकी बहन नेहा घर आ गई। बाद में हीरा लाल घर आया और माफी मांगकर बहन को वापस ले गया।

इसके बाद बहन फोन पर ससुरालियों की ओर से किए जाने वाले उत्पीड़न करने की बात करते रहती थी। बहन का घर बसा रहे, इसके लिए उसने कहीं शिकायत नहीं की। अमृत लाल के अनुसार उसकी बहन का प्रसव होना था।

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इस पर वह सितारगंज आया तो पता चला कि प्रसव के दौरान उसकी बहन को ससुरालियों ने मारपीट कर घर से निकाल दिया था। जिसे किसी महिला ने अस्पताल में भर्ती कराया, जहां दो फरवरी 2019 को उसकी बहन ने पुत्री को जन्म दिया था।

पुत्री के जन्म होने के बाद उसके ससुराली उसे घर ले गए। आरोप लगाया कि पुत्री पैदा होने के बाद उन्होंने उसे प्रताड़ित कर मारपीट की। जिससे उसकी बहन की तीन फरवरी 2019 को मृत्यु हो गई।
इस मामले में पुलिस ने पति हीरा लाल समेत पांच ससुरालियों पर प्राथमिकी पंजीकृत कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। मामला तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश चंद्र आर्य की अदालत में चला। जहां 18 गवाह पेश किए गए।
न्यायालय ने गवाह और साक्ष्य के आधार पर आरोपित पति हीरा लाल को सात वर्ष की कारावास की सजा सुनाई है। जबकि शेष आरोपितों को बरी कर दिया है।

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