उत्तराखंड में प्री-एसआइआर और एसआइआर के दौरान 17.05 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जबकि इस अवधि में 4.01 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। इस तरह प्रदेश में करीब 21 प्रतिशत नाम कटे और लगभग पांच प्रतिशत नए मतदाता जुड़े हैं।
प्रदेश में प्री-एसआइआर की कोई निश्चित तिथि घोषित नहीं की गई थी, लेकिन अप्रैल 2025 में इस दिशा में काम शुरू हो गया था। एक जनवरी 2025 की मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में कुल 84.29 लाख मतदाता दर्ज थे। इसके बाद 20 मई को जारी मतदाता सूची में 7.73 लाख नाम हटाए गए, जबकि 2.71 लाख नए नाम जोड़े गए।
अक्टूबर 2025 में जारी मतदाता सूची में 1.04 लाख नाम हटाए गए और 1.29 लाख नए मतदाताओं के नाम शामिल किए गए। वहीं, एसआइआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद अनुपस्थित, मृत और पता बदल चुके 8.26 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए।
दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 1.29 लाख नए नाम जोड़े गए, जबकि 1.04 लाख नाम हटाए गए। इस पूरी प्रक्रिया के बाद प्रदेश में मतदाताओं की कुल संख्या घटकर 71.58 लाख रह गई है।
नोट: मूल खबर में कुछ आंकड़ों का जोड़ कुल 17.05 लाख नाम कटने और 4.01 लाख नाम जुड़ने के आंकड़ों से पूरी तरह मेल नहीं खाता। प्रकाशन से पहले 20 मई और अक्टूबर 2025 के आंकड़ों की पुष्टि जरूर कर लें।
लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट के लिए -
www.devbhumionline.com
