विदेशी मेडिकल डिग्री पर बड़ी कार्रवाई: आठ संस्थानों की डिग्रियां अमान्य, उत्तराखंड में नहीं मिलेगा पंजीकरण

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देहरादून। उत्तराखंड आयुर्विज्ञान परिषद ने आठ विदेशी मेडिकल संस्थानों की डिग्रियों को अमान्य घोषित कर दिया है। इन संस्थानों से वर्ष 2021 के बाद एमबीबीएस या अन्य चिकित्सा डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को अब उत्तराखंड में चिकित्सकीय पंजीकरण नहीं मिलेगा और वे चिकित्सा प्रैक्टिस भी नहीं कर सकेंगे।
परिषद के अनुसार संबंधित संस्थान विदेशी चिकित्सा स्नातक लाइसेंसधारी (एफएमजीएल) विनियम-2021 का पालन नहीं कर रहे थे।

इन संस्थानों में मान्यता, क्लीनिकल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों को लेकर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे थे। साथ ही भारतीय चिकित्सा पंजीकरण के लिए आवश्यक शर्तों का भी पालन नहीं किया जा रहा था।

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ऐसे में इन संस्थानों से पढ़ाई करने वाले छात्रों को भारत में चिकित्सकीय पंजीकरण नहीं मिल सकेगा। वे लाइसेंसिंग परीक्षाओं में शामिल होने, क्लीनिकल प्रशिक्षण की मान्यता प्राप्त करने और चिकित्सा परिषदों में पंजीकरण कराने के पात्र नहीं होंगे।


रजिस्ट्रार की सलाह
उत्तराखंड आयुर्विज्ञान परिषद के रजिस्ट्रार डॉ. सुधीर पांडेय ने कहा कि छात्र किसी भी विदेशी मेडिकल संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता और एफएमजीएल विनियम-2021 के अनुपालन की पूरी जांच कर लें। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी संस्थान एनईईटी योग्यता सहित निर्धारित प्रक्रिया से बाहर प्रवेश की गारंटी नहीं दे सकता। छात्रों और अभिभावकों को शुल्क जमा करने से पहले संस्थान की वास्तविक स्थिति की पुष्टि अवश्य करनी चाहिए।

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प्रतिबंधित घोषित संस्थान
सेंट्रल अमेरिकन हेल्थ एंड साइंसेज यूनिवर्सिटी, बेलीज
कोलंबस सेंट्रल यूनिवर्सिटी, बेलीज
वाशिंगटन यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज, बेलीज
चिरचिक ब्रांच ऑफ ताशकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी, उज्बेकिस्तान
बुखारा स्टेट मेडिकल इंस्टीट्यूट, उज्बेकिस्तान
समरकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी, उज्बेकिस्तान
ताशकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी, उज्बेकिस्तान
टीआईटी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बेंगलुरु (ताशकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी, उज्बेकिस्तान का कैंपस)
बॉक्स:
विदेश में एमबीबीएस करने वालों के लिए चेतावनी
वर्ष 2021 के बाद इन संस्थानों से डिग्री लेने वाले छात्रों को भारत में मेडिकल पंजीकरण नहीं मिलेगा। विशेषज्ञों ने छात्रों को सलाह दी है कि विदेश में प्रवेश लेने से पहले संबंधित संस्थान की मान्यता और भारतीय नियमों के अनुरूप उसकी स्थिति की पूरी जांच-पड़ताल कर लें।

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संकेतिक फ़ोटो:-

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