देहरादून। राजधानी देहरादून में शुक्रवार को पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। बैंक कर्मियों ने घंटाघर के पास एश्ले हॉल स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सामने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल सुविधाओं का लगातार विस्तार हुआ है और छुट्टियों के दौरान भी कर्मचारी कई तरह के बैंकिंग कार्यों से जुड़े रहते हैं। इसके बावजूद उन्हें पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था का लाभ नहीं मिल रहा है।
बैंक कर्मचारियों ने कहा कि एलआईसी, नाबार्ड समेत कई अन्य क्षेत्रों में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू है, जबकि बैंक कर्मचारियों की यह मांग लंबे समय से लंबित है। प्रदर्शन के दौरान ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन के संयोजक इंदर रावत ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो 28 और 30 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं होने पर 20 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
इंदर रावत ने कहा कि बैंक कर्मचारी यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि किसी भी आंदोलन या हड़ताल से पहले बैंकिंग व्यवस्था पर कम से कम प्रभाव पड़े। कर्मचारियों की प्राथमिकता बातचीत के माध्यम से सरकार के साथ समस्या का समाधान निकालना है। उन्होंने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग किसी विशेष लाभ के लिए नहीं, बल्कि कर्मचारियों के बेहतर कार्य वातावरण और वर्क-लाइफ बैलेंस से जुड़ी है।
बैंक कर्मचारियों ने सरकार से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के साथ ही कर्मचारियों से जुड़े अन्य लंबित मुद्दों पर भी जल्द निर्णय लेने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को स्वीकार करती है तो आंदोलन समाप्त कर वे काम पर लौटने के लिए तैयार हैं।

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