(उत्तराखण्ड) धामी सरकार की खनन नीति से बढ़े रोजगार, आसान हुई उपखनिज उपलब्धता

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लालकुआं: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में खनन विभाग ने इस वर्ष समय पर नदियों को चुगान के लिए खोलने, पर्यावरण संरक्षण के अनुरूप उपखनिज की उपलब्धता बढ़ाने और रोजगार सृजन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। विभाग द्वारा गौला, शारदा, नंधौर समेत विभिन्न नदियों का समय रहते सर्वे कर उपखनिज निकासी का लक्ष्य बढ़ाया गया, जिससे कारोबार प्रभावित नहीं हुआ और खनन कारोबारियों को आंदोलन की राह नहीं पकड़नी पड़ी।


पूर्व वर्षों में नदियों के देर से खुलने तथा उपखनिज लक्ष्य समय पर नहीं बढ़ने के कारण कारोबारियों को आंदोलन करना पड़ता था, लेकिन इस बार विभाग की सक्रियता से पूरे सीजन में सुचारु रूप से चुगान कार्य चलता रहा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार समय रहते सभी प्रक्रियाएं पूरी कर लेने से उपखनिज निकासी का लक्ष्य भी बेहतर तरीके से पूरा हो सका।


खनन विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में पट्टे जारी किए जाने से उपखनिज की उपलब्धता भी पहले की तुलना में आसान हुई है। इससे स्थानीय लोगों को निर्माण कार्यों के लिए सामग्री अपेक्षाकृत सस्ती दरों पर मिलने लगी है। साथ ही वैज्ञानिक पद्धति से खनन होने के कारण नदियों के किनारों पर होने वाले भू-कटाव में भी कमी आई है। पूर्व में पट्टे जारी नहीं होने से अवैध खनन के साथ-साथ भू-कटाव की समस्या लगातार बढ़ रही थी। वहीं खनन गतिविधियों ने प्रदेश में रोजगार का बड़ा माध्यम भी तैयार किया है। विभाग के अनुसार परिवहन, स्टोन क्रेशर, वाहन संचालन, मशीन संचालन, श्रमिक कार्य तथा अन्य सहायक गतिविधियों के माध्यम से लगभग सात लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है। इससे हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

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पांच वर्षों में किया 3859.79 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित

लालकुआं: खनन विभाग ने पिछले पांच वर्षों में राजस्व वृद्धि, रोजगार सृजन और उपखनिज की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक कुल 3859.79 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया। तकनीकी नवाचार, ई-नीलामी व्यवस्था, समय पर नदी संचालन और अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के चलते विभाग लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में विभाग ने 950 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 1126.54 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया। इससे पूर्व वर्ष 2024-25 में भी विभाग ने 1040.57 करोड़ रुपये की आय प्राप्त की थी, जो निर्धारित लक्ष्य से काफी अधिक रही।

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अवैध खनन पर 10 हजार से ज्यादा पकड़े

खनन विभाग ने पिछले पांच वर्षों में अवैध खनन के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए कुल 10,605 प्रकरण दर्ज किए। इन कार्रवाइयों के दौरान विभाग ने लगभग 195.50 करोड़ रुपये की वसूली कर राजस्व अर्जित किया। विभाग का दावा है कि लगातार चेकिंग, तकनीकी निगरानी और सख्त कार्रवाई से अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है।

“सरकार ने खनन नीति का सरलीकरण करते हुए पट्टों के आवंटन की प्रक्रिया को ई-नीलामी के माध्यम से पारदर्शी बनाया है। सरकार की मंशा है कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक विधि से खनन कार्य संचालित हों, जिससे स्थानीय लोगों को अधिकाधिक रोजगार मिलने के साथ ही निर्माण सामग्री भी सस्ती दरों पर उपलब्ध हो सके।”
— पुष्कर सिंह धामी

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“शासन से वित्तीय वर्ष 2026 -27 के लिए 15 सौ करोड़ रुपये का लक्ष्य मिला है। लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही अवैध खनन पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए विभाग गंभीरता से कार्य कर रहा है।”
— राजपाल लेघा, निदेशक, खनन विभाग

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