गोशाला में दिखा अनोखा नजारा, भैंस के पास दो घंटे तक बैठा रहा गुलदार
लोहाघाट (चंपावत)। गुमदेश क्षेत्र के मानाढुंगा गांव में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक गुलदार अचानक एक ग्रामीण की गोशाला में घुस गया और भैंस के पास आराम से बैठ गया। यह नजारा देखकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए। सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। करीब दो घंटे तक गोशाला में डेरा जमाए रखने के बाद गुलदार चुपचाप जंगल की ओर लौट गया।
ग्रामीण दीपक जोशी ने बताया कि गांव निवासी द्वारिका सिंह की गोशाला में भैंस बंधी हुई थी। सुबह परिवार के सदस्य पशुओं को चारा देकर लौट आए थे। दोपहर बाद जंगल से चरकर लौटी गाय जब गोशाला की ओर पहुंची तो उसकी असामान्य हरकतों से लोगों को शक हुआ।
अंधेरा होने पर जब टॉर्च की रोशनी गोशाला के भीतर डाली गई तो एक ओर भैंस बंधी थी, जबकि दूसरी ओर गुलदार आराम से बैठा दिखाई दिया। यह दृश्य देखते ही परिवार के लोग घबरा गए और आसपास के ग्रामीणों को सूचना दी।
कुछ ही देर में गोशाला के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने शोर मचाकर गुलदार को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह काफी देर तक वहीं बैठा रहा। लगभग दो घंटे बाद लगातार शोर-शराबे के बीच वह गोशाला से निकलकर जंगल की ओर चला गया।
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। कुछ ग्रामीण गुलदार को बूढ़ा और कमजोर बता रहे हैं, जबकि कई लोग इस घटना को देवी शक्ति का संकेत मानकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। रेंजर रमेश चंद्र जोशी ने कहा कि लोग अकेले जंगल की ओर न जाएं, बच्चों और पालतू पशुओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी वन्यजीव की गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
गौरतलब है कि 10 जून को बाराकोट ब्लॉक के सिमलखेत क्षेत्र में गुलदार के हमले की घटना के बाद से वन विभाग पहले ही क्षेत्र में गश्त बढ़ाए हुए है। ऐसे में मानाढुंगा की यह घटना ग्रामीणों की चिंता और बढ़ाने वाली मानी जा रही है।

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