टनकपुर(चंपावत)रात के सन्नाटे में धधका पूर्णागिरि मेला, दमकल ने बचाई कई दुकानें

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चंपावत । पूर्णागिरि मेले में पानी की टंकी के मंगलवार की देर रात अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने अचानक विकराल रूप ले लिया। यह देख दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
लोगों ने इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी। इस बीच आग ने छह दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। दुकान पूरी तरह जल गई। मौके पर फायर स्टेशन की टीम ने आग पर काबू पाया। जिससे और दुकान आग लगने से बच गई। कोई जनहानि नहीं हुई।

दमकल टीम फौरन मौके पर पहुंची

पुरानी तहसील के समीप मेले के लिए लगी अस्थाई कच्ची दुकानों में देर रात अचानक आग धधक उठी। पता चलते ही व्यापारियों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही दमकल टीम फौरन मौके पर पहुंची, लेकिन इससे पहले ही तेज हवा के कारण आग विकराल रूप ले चुकी थी।

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एक के बाद एक करके आग ने कास्मेटिक, खिलौने, कपड़े आदि की छह दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि घटना में रुचि वर्मा पत्नी वरुण वर्मा, श्याम पुत्र मैकू, करण पुत्र देवेश कुमार, राम प्रकाश पुत्र मैकू लाल करण पुत्र देवेंद्र कुमार, देवेंद्र पुत्र सीताराम,सतपाल सिंह पुत्र राजेश पाल की दुकानें जलकर राख हो गई।

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बड़ी मशक्कत के बाद अन्य दुकानों पर आग पर काबू पाया जा सका। फायर आफिसर अमर सिंह अधिकारी के मुताबिक आग शाट सर्किट से लगने का अनुमान है।
घटना के बाद प्रशासन की टीम और मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी केदार सिंह बृजवाल, नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार ने घटना स्थल का निरीक्षण कर पीड़ित व्यापारियों को सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।

फायर इंचार्ज अमर सिंह अधिकारी ने बताया कि अग्निशमन यंत्र लगाने के निर्देश हैं, लेकिन दो दुकानदारों ने एक लगा रख है। इधर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने तहसीलदार पिंकी आर्या को क्षति का आंकलन कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।

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दुकानों में आग से बचाव के नही पर्याप्त उपकरण

तीन माह से अधिक समय तक चलते वाले पूर्णागिरि मेले में बड़ी संख्या में अस्थायी दुकानें लगती हैं। जिसमें कास्मेटिक से लेकर खिलौने आदि शामिल हैं। एक लाइन में दुकानों के होने के चलते आग जैसी घटना होने पर तत्काल बचाव के लिए उपकरणों की कमी दिखी। घटना और बड़ी भयावह हो सकती थी। ऐसे में ेप्रत्येक दुकान में अग्निकांड से बचाव के लिए पर्याप्त सुविधा होना आवश्यक है। साथ ही उन्हें उस उपकरण का संचालन का भी ज्ञान हो।

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