लालकुआं: गौला तटबंध बना “कागज़ी बांध”, हर बारिश में बहता भरोसा—कांग्रेस संग ग्रामीणों का एक दिन का धरना- प्रदर्शन

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गौला तटबंध निर्माण में लापरवाही पर भड़के ग्रामीण, एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन

लालकुआं। गौला नदी के लगातार हो रहे कटाव और तटबंध निर्माण में बरती जा रही कथित लापरवाही को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। क्षेत्रवासियों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ नाराजगी जताई तथा स्थायी समाधान की मांग उठाई।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से गौला नदी के कटाव के कारण क्षेत्र में करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। सैकड़ों लोग बेघर हुए हैं, जबकि कई लोगों की जान भी जा चुकी है। आरोप है कि हर मानसून से पहले करोड़ों रुपये खर्च कर तटबंध बनाए जाते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही वे बह जाते हैं। इसे लेकर ग्रामीणों ने धन के बंदरबांट और निर्माण कार्यों में अनियमितता के आरोप लगाए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि किसानों की उपजाऊ जमीनें लगातार नदी में समा रही हैं और कई मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की बाढ़ सुरक्षा परियोजनाएं पहली ही बारिश में फेल हो जाती हैं, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका और गहरा जाती है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से तटबंध निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

धरने में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल, ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप वथ्याल, नगर अध्यक्ष भुवन पांडे, वरिष्ट हेमवतीनंदन दुर्गापाल, नगर महामंत्री सिद्दीकी, विधानसभा अध्यक्ष कमल दानु , बालम बिष्ट,कोंग्रेसी नेता नरेश चौधरी, हरीश सुयाल, विनोद विष्ट, बीना जोशी, माया देवी, राधा दानु, मीना कपिल, गिरधर बम, अमजद खान, विनय रजवार, प्रमोद कॉलोनी, राजेंद्र खनवाल, कुंदन मेहता, चंदन बोरा समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।