हल्द्वानी में पानी पर सख्ती, नए कनेक्शन और वाहन धुलाई पर रोक

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हल्द्वानी: भीषण गर्मी के बीच हल्द्वानी के ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है. बढ़ती आबादी और सीमित जल स्रोतों के कारण कई गांवों में लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है. स्थिति को देखते हुए जल संस्थान ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए नई योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है. विभाग का दावा है कि इन योजनाओं के लागू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरी मानकों के अनुरूप नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा.

जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता विशाल सक्सेना ने कहा कि हल्द्वानी में हर वर्ष पेयजल कनेक्शन के लिए करीब 3 से 4 हजार नए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं. इसके चलते पानी की मांग लगातार बढ़ रही है. गर्मी के मौसम में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है. शहर के अधिकांश क्षेत्रों में जलापूर्ति सामान्य बनी हुई है, लेकिन कई ग्रामीण इलाकों में लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है. यही कारण है कि इन दिनों पानी के टैंकर लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति करते नजर आ रहे हैं. हर साल गर्मियों में उत्पन्न होने वाली इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई पेयजल योजनाएं तैयार की जा रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके.

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पेयजल की किल्लत को देखते हुए जल संस्थान के साथ साथ जिला प्रशासन भी गंभीर है. जिला प्रशासन के निर्देश पर हल्द्वानी और उसके आसपास के क्षेत्रों में पानी के नए कनेक्शन, नए भवन निर्माण और धुलाई सेंटर में वाहनों की धुलाई पर अग्रिम आदेश या मानसून आने तक रोक लगा दी गई है. इसकी समय समय पर निगरानी व औचक निरीक्षण भी अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है.
एपी बाजपेयी, सिटी मजिस्ट्रेट

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वर्तमान में हल्द्वानी क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 80 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी की आवश्यकता है, जबकि जल संस्थान करीब 72 एमएलडी पानी की ही आपूर्ति कर पा रहा है. मांग और आपूर्ति के बीच का यह अंतर ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक महसूस किया जा रहा है. कमलुवागांजा, नरीमन तिराहा क्षेत्र, बजूनिया हल्दू, रामपुर लामाचौर, कोरिया गांव, बच्चीनगर, गुजरोड़ा, हल्दुपोखरा, कुशालपुर, नाथूपुर पाडली और हिम्मतपुर जैसे इलाकों में निर्धारित मानकों के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. इन क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने विशेष पेयजल योजनाएं तैयार की हैं. इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर पेयजल उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति का लाभ मिल सके तथा टैंकरों पर निर्भरता कम हो.

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