(रुद्रपुर) बार-बार गैरहाजिरी बनी गिरफ्तारी की वजह, बीजेपी नेता को पुलिस ने दबोचा

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रुद्रपुर में बीजेपी नेता और पूर्व पार्षद पर कसा कानून का शिकंजा, गैर जमानती वारंट के तहत सचिन मुंजाल गिरफ्तार

रुद्रपुर: उत्तराखंड के रुद्रपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है. जहां कोर्ट के आदेश की अवहेलना करना एक स्थानीय बीजेपी नेता को भारी पड़ गया. वार्ड नंबर 31 के पूर्व पार्षद एवं पार्षद पति सचिन मुंजाल को पुलिस ने गैर जमानती वारंट (NBW) के तहत गिरफ्तार कर लिया है. यह कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में की गई, जिससे क्षेत्रीय राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है.

गैर जमानती वारंट के आधार हुई गिरफ्तारी: उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में कानून का शिकंजा एक बार फिर सख्ती से कसता नजर आया, जब स्थानीय बीजेपी नेता और पूर्व पार्षद पति सचिन मुंजाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी न्यायालय की ओर से जारी गैर जमानती वारंट (NBW) के आधार पर की गई, जो उनके लगातार अदालत में पेश न होने के कारण जारी हुआ था.

क्या है पूरा मामला? दरअसल, मामले की पृष्ठभूमि साल 2021 से जुड़ी है, जब रमेश कुमार धींगड़ा ने सचिन मुंजाल के खिलाफ चेक बाउंस का मामला दर्ज कराया था. यह मामला धारा 138 एनआई एक्ट के तहत चल रहा था. लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद 27 फरवरी 2025 को चतुर्थ सीनियर सिविल जज रुद्रपुर की अदालत ने अपना फैसला सुनाया.

अदालत ने सचिन मुंजाल को दोषी करार देते हुए 6 महीने के कारावास की सजा और 70 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया. हालांकि, इस फैसले के खिलाफ सचिन मुंजाल ने सत्र न्यायाधीश, उधम सिंह नगर की अदालत में अपील दायर की थी. यह अपील फौजदारी अपील के रूप में दर्ज की गई, लेकिन अपील दायर करने के बाद भी वे लगातार अदालत में पेश नहीं हुए.
कई बार समन और नोटिस जारी होने के बावजूद उनकी अनुपस्थिति बनी रही, जिससे अदालत ने इसे गंभीरता से लिया. बार-बार गैर हाजिरी के चलते न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए सचिन मुंजाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया. इसके बाद कोतवाली ट्रांजिट कैंप पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई की और सचिन मुंजाल को हिरासत में ले लिया.

इस गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई. पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के आदेशों का पालन कराना, उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और कानून से ऊपर कोई भी नहीं है, चाहे वो किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा क्यों न हो.

इस घटना के बाद क्षेत्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है. सचिन मुंजाल को स्थानीय स्तर पर एक प्रभावशाली राजनीतिक चेहरा माना जाता है, ऐसे में उनकी गिरफ्तारी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना दिया है. विपक्षी दल जहां इसे कानून की जीत बता रहे हैं, वहीं समर्थकों में निराशा देखी जा रही है.

सियासी गलियारों में हलचल तेज: फिलहाल, सभी की नजर अब इस मामले की आगामी सुनवाई और न्यायालय के अगले आदेश पर टिकी हुई है. उधर, मामले में सियासी गलियारों में गर्माहट देखी जा रही है.

“कोर्ट के आदेश पर गिरफ्तारी की गई है. जहां अब सचिन मुंजाल को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है.”- मोहन चंद्र पांडे, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक, ट्रांजिट कैंप