रामनगर। कार्बेट लैंडस्केप में दुर्लभ नाब बिल्ड डक पक्षी जलाशय में नजर आया है। अफ्रीका में पाया जाने वाला यह पक्षी रामनगर क्षेत्र में पहली बार दिखा है। वन विभाग भी पहली बार अपने यहां इस पक्षी की मौजूदगी से उत्साहित हैं। इस पक्षी को विभाग ई बर्ड वेबसाइट में दर्ज करेगा।
ई बर्ड पक्षियों के अवलोकन को रिकार्ड करने का एक माध्यम है। नाब बिल्ड डक की भारत समेत पाकिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार, लाओस, अफ्रीका आदि देशों में मौजूदगी रहती है। यह बतख प्रजाति है।
अनुकूल वातावरण की तलाश में हजारों किमी तक का सफर
इन दिनों प्राकृतिक खूबसूरती और भोजन की प्रचुरता के चलते हाथीडगर का जलाशयन प्रवासी पक्षियों की पंसद बना हुआ है। पक्षी भोजन और अनुकूल वातावरण की तलाश में हजारों किमी तक का सफर तय करते हैं।
जहां पसंदीदा ठिकाना और पसंद का भोजन मिल जाए, वे वहीं ठहर जाते हैं। बतख के शरीर का ऊपरी भाग काले रंग व पंखों का रंग बैंगनी होता है, जबकि निचला भाग सफेद रंग का होता है।
कार्बेट के आसपास के क्षेत्र में नाब बिल्ड डक पहली बार दिखा है। डक अफ्रीका के मेडागास्कर क्षेत्र में पाया जाता है। इससे पहले कहीं भी हमने इसे नहीं देखा है। इससे पहले किसी भी जलाशय में यह रिपोर्ट नहीं हुआ है। यहां के अन्य जलाशय में भी इनकी मौजूदगी चेक करा रहे हैं। हमारे लिए यह एक अच्छा संकेत है। इन डक की खासियत है कि एक ही नर के साथ चार पांच मादा भी रहती हैं। सभी मादा एक ही घौंसले में अंडे देती है।-प्रकाश चंद्र आर्या,प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर
इन दिनों है प्रजनन काल का समय
यह जोड़े या समूह में रहने वाला पक्षी है। यह पक्षी अपना घोंसला पानी के नजदीक घास या जलीय वनस्पतियों के बीच जमीन या पेड़ की टहनियों पर बनाते हैं। इनका प्रजनन काल जून से सितंबर तक होता है। मादा एक बार में सात से 12 की संख्या में अंडे देती है।

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