रामनगर। सीटीआर समेत प्रदेश के सभी वन प्रभागों में 20 से 30 मई तक हाथी गणना का कार्य किया जाएगा। सीटीआर और उससे सटे वन प्रभागों में होने वाली गणना के लिए सीटीआर सभागार में वन विभाग व भारतीय वन्यजीव संस्थान के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में तकनीक के साथ हाथियों की गणना पर जोर देने के साथ तौर-तरीके बताए गए।
बृहस्पतिवार को सीटीआर सभागार में आयोजित बैठक में पार्क निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने हाथियों की गिनती के विषय में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय वन्यजीव संस्थान की शोध टीम 20 मई से 30 जून तक वन प्रभागों में हाथियों की वैज्ञानिक गणना और संबंधित फील्ड कार्य संपन्न करेगी। इसके लिए उन्हें कुमाऊं जोन के लिए समन्वयक अधिकारी नामित किया गया है।
भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के शोधकर्ता मुकेश चन्द्र, अंशुमन गोगोई और आशीष प्रसाद ने हाथी गणना की वैज्ञानिक पद्धतियों के संबंध में प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि हाथी गणना बीटवार पांच दिन तक संचालित की जाएगी।
यह गणना मोबाइल फोन पर एम-स्ट्राइप्स इकोलॉजी एप के माध्यम से की जाएगी। कार्यक्रम में काॅर्बेट टाइगर रिजर्व, रामनगर वन प्रभाग और तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भागेदारी की। चंपावत वन प्रभाग, नैनीताल वन प्रभाग, अल्मोड़ा वन प्रभाग, तराई पूर्वी वन प्रभाग, तराई केंद्रीय वन प्रभाग, हल्द्वानी वन प्रभाग और कालागढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारी व फील्ड कर्मचारी वर्चुअल माध्यम से प्रशिक्षण से जुड़े। इस मौके पर इस दौरान उपनिदेशक राहुल मिश्रा,डीएफओ प्रकाश चन्द्र आर्या,पार्क वार्डन बिंदरपाल, एसडीओ अमित ग्वासीकोटी, एसडीओ अंकित बडोला, कामिनी आर्या, संदीप गिरी आदि मौजूद रहे।
फ़ोटो परिचय:- AI

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