देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने मारपीट, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने, जान से मारने की धमकी देने और शादी के समय वैवाहिक स्थिति छिपाने जैसे आरोप लगाए हैं। इसके अलावा, मंत्री ने एक कथित ऑडियो का हवाला देते हुए उनकी हत्या की साजिश रचे जाने की आशंका भी जताई है।
15 अक्टूबर 2026 को देहरादून के कैंट थाने में दर्ज FIR में भारतीय दंड संहिता (IPC) की 10 धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC-ST Act) की तीन धाराओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
कथित ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस पहुंचीं रेखा आर्य
FIR दर्ज कराने के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने फेसबुक पर एक वीडियो जारी किया और अपने पति से जुड़ा बताया जा रहा ऑडियो भी साझा किया। वीडियो में उन्होंने इस घटनाक्रम से हुई पीड़ा का जिक्र करते हुए कहा कि ऑडियो ने उनके वैवाहिक रिश्ते और जीवनभर के समर्पण पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रेखा आर्य के मुताबिक, ऑडियो सुनने के बाद उन्हें अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता हुई। इसी वजह से उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि यह कदम उन्होंने अपने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है।
शादी के समय वैवाहिक स्थिति छिपाने का आरोप
FIR के मुताबिक, रेखा आर्य की शादी 6 जुलाई 2004 को गिरधारी लाल साहू के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शादी के समय उनके पति ने खुद को अविवाहित बताया था, जबकि बाद में उन्हें कथित तौर पर पता चला कि वह पहले से विवाहित थे और उनके पूर्व विवाह से बच्चे भी थे।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि गिरधारी लाल साहू को रेखा आर्य की अनुसूचित जाति से संबंधित पहचान की जानकारी थी, इसके बावजूद वैवाहिक स्थिति से जुड़े तथ्यों को कथित तौर पर छिपाया गया।
दूसरी महिलाओं से संबंध और मारपीट का आरोप
रेखा आर्य ने अपनी शिकायत में पति के अन्य महिलाओं से कथित संबंध होने का आरोप भी लगाया है। FIR के अनुसार, जब उन्होंने इस संबंध में आपत्ति जताई तो उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और गाली-गलौज की गई। शिकायत में जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी उल्लेख है।
मंत्री ने अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर खतरा जताया है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस जांच और संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
सरकारी आवास पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गिरधारी लाल साहू ने कई बार रेखा आर्य के सरकारी आवास पर कर्मचारियों के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उन्हें अपमानित किया। मंत्री ने इसे कथित उत्पीड़न का हिस्सा बताते हुए SC-ST एक्ट के तहत भी कार्रवाई की मांग की है।
फर्जी हस्ताक्षर से कंपनियों के निदेशक पद से हटाने का आरोप
FIR में कंपनियों के निदेशक पद से हटाए जाने से जुड़ा मामला भी शामिल है। रेखा आर्य का आरोप है कि कथित तौर पर कूटरचित हस्ताक्षरों और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उन्हें संबंधित कंपनियों के निदेशक पद से हटाया हुआ दिखाया गया।
शिकायत के मुताबिक, उन्होंने न तो कोई त्यागपत्र दिया और न ही ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। इस मामले में भी आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
कथित ऑडियो में हत्या की साजिश का दावा
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर आरोप एक ऑडियो को लेकर लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, रेखा आर्य को एक ऐसा ऑडियो मिला, जिसमें कथित तौर पर गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत के दौरान रेखा आर्य को जान से मारने की साजिश पर चर्चा करते सुनाई देते हैं।
मंत्री का कहना है कि इस ऑडियो के सामने आने के बाद उन्हें अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता हुई। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
FIR में इन धाराओं का उल्लेख
कैंट थाने में 15 अक्टूबर 2026 को दर्ज FIR संख्या 0158 में भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B, 323, 420, 467, 468, 471, 495, 498-A, 504 और 506 का उल्लेख किया गया है। इसके अतिरिक्त SC-ST एक्ट की धाराएं 3(1)(द), 3(1)(ध) और 3(2)(va) भी शामिल हैं।
फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। पुलिस की जांच और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट के लिए -
www.devbhumionline.com
