गैरसैंण: भराड़ीसैण विधानसभा से शादी समारोह के लिए लौट रहे दो विधायकों के काफिले को उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने सिमली में रोक दिया. जहां यूकेडी कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए विधायक के कार के आगे आ गए. जिससे पुलिसकर्मियों के हाथ पांव फूल गए. काफी धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने यूकेडी नेता आशीष नेगी समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया. फिर अस्थाई जेल मालसी भेजा.
बता दें कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने समेत तमाम मांगों को लेकर उक्रांद यानी उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ता भराड़ीसैंण जाने की जिद पर अड़े हैं. सत्र के पहले दिन भी उन्होंने विधानसभा कूच किया था, लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया था. हालांकि, कई यूकेडी कार्यकर्ताओं ने कुछ बैरिकेडिंग को भी पार कर लिया था. जहां प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था.
इस घटना के बाद विधायकों को भराड़ीसैंण से न जाने देने के लिए यूकेडी कार्यकर्ता सिमली बैरियर पर ही डटे हैं. इस बीच रानीखेत से बीजेपी विधायक प्रमोद नैनवाल और लक्सर विधायक मोहम्मद शहजाद हरिद्वार में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए निकले ही थे कि यूकेडी कार्यकर्ताओें ने उनके वाहनों को रोक दिया. इतना ही नहीं कई कार्यकर्ताओं ने विधायकों के वाहन आगे ही नहीं दिया. जिस पर पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी. फिर भी यूकेडी कार्यकर्ता नहीं माने, वो आगे ही बढ़ते रहे. किसी तरह से पुलिसकर्मियों ने उन्हें काबू में कर सड़क से हटाया.
यूकेडी कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच हुई धक्का-मुक्की: इस दौरान यूकेडी कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच काफी धक्का मुक्की भी देखने को मिली. आखिर में पुलिस ने यूकेडी युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी समेत कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर अस्थाई जेल मालसी भेजा. यूकेडी कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनके 20 से 25 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था. इनमें चार-पांच महिलाएं भी शामिल थीं.
मेडिकल परीक्षण के बाद छोड़ दिए गए यूकेडी कार्यकर्ता: उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओें को मालसी स्थित अस्थाई जेल भेजा गया था. जिसके बाद मालसी में गिरफ्तार लोगों का मेडिकल परीक्षण किया गया. वहीं, यूकेडी के कार्यकर्ता देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि मेडिकल परीक्षण के बाद देर रात सभी कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया है.
“सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उक्रांद कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर अस्थाई जेल मालसी में रखा गया था. शांति व्यवस्था और विधायकों की सुरक्षा को लेकर इस तरह के कदम उठाए गए हैं.”- सुरजीत सिंह पंवार, पुलिस अधीक्षक
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