काशीपुर। महुआखेड़ा गंज में 22 वर्षीय मेहविश की गोली लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस जांच में अहम तथ्य सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या के बजाय तमंचे से अचानक गोली चलने का सामने आ रहा है। चर्चा है कि घटना के दौरान रील बनाई जा रही थी। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
प्रकरण में मृतका के भाई फईम की तहरीर पर पुलिस ने पड़ोसी साजिद और उसके परिजनों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है और जल्द घटना का खुलासा करने का दावा कर रही है।
आईटीआई कोतवाली क्षेत्र के महुआखेड़ा गंज के वार्ड-3, मढ़ैया देवी निवासी मेहविश की गुरुवार दोपहर गोली लगने से मौत हो गई थी। बताया गया कि घटना के समय वह पड़ोसी के घर गई थी। आसपास के लोगों के अनुसार, गोली लगने के बाद खून से लथपथ मेहविश को पड़ोसी उसके घर छोड़कर चला गया। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। मृतका के भाई और चाचा ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। आरोप है कि घटना के बाद खून के धब्बे साफ कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया। शुक्रवार को मेहविश का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें उसके सिर से 12 एमएम का कारतूस बरामद हुआ। पोस्टमार्टम के बाद गमगीन माहौल में परिजनों ने शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
तमंचा रखने का शौक परिवार पर पड़ा भारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतका के पड़ोसी के घर तमंचा रखा हुआ था। अवैध हथियार रखने की इसी आदत ने पूरे परिवार को मुश्किल में डाल दिया। सबसे बड़ी लापरवाही तमंचे का लोडेड होना बताई जा रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि तमंचा पहले से लोड था या घटना के दौरान युवतियों ने उसे लोड किया था।
पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि मामले का जल्द अनावरण किया जाएगा।

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