देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार और अगले वर्ष हरिद्वार में होने वाले कुंभ को डिजिटल कुंभ के रूप में विकसित करने को लेकर केंद्र में दस्तक दी है।
उन्होंने रेल एवं इलेक्ट्रानिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव से भेंट कर राज्य की विभिन्न लंबित रेल परियोजनाओं पर शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध किया।
साथ ही डिजिटल कुंभ परियोजना के लिए 143.96 करोड़ की वित्तीय सहायता के लिए भी केंद्र से सहयोग की अपेक्षा की। केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने मुख्यमंत्री को इन प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने नई दिल्ली में शनिवार को केंद्रीय मंत्री वैष्णव से मुलाकात के दौरान कहा कि उत्तराखंड भौगोलिक, सामरिक, धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है, ऐसे में बेहतर रेल संपर्क राज्य के समग्र विकास के लिए जरूरी है।
उन्होंने दिल्ली-मेरठ के बीच संचालित आरआरटीएस का उल्लेख करते हुए इसका विस्तार मेरठ से हरिद्वार एवं ऋषिकेश तक करने की आवश्यकता बताते हुए इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध किया।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के प्रथम चरण को वर्ष 2026 तक पूर्ण कर लोकार्पण सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने, बागेश्वर-कर्णप्रयाग रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे की स्वीकृति, हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण तथा चारधाम रेल परियोजना के डोईवाला-उत्तरकाशी एवं कर्णप्रयाग-पीपलकोटी खंडो के फाइनल लोकेशन सर्वे की शीघ्र स्वीकृति देने का भी अनुरोध किया।
साथ ही मोहंड-देहरादून-सहारनपुर रेल परियोजना को स्वीकृति देने की मांग भी की।
मुख्यमंत्री ने कुंभ मेला 2027 को डिजिटल कुंभ के रूप में आयोजित करने की योजना भी साझा की।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और इंटरनेट आफ थिंग्स (आइओटी) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
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