2026 चैत्र नवरात्र 2026 पर उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डा. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ‘दैवज्ञ’ ने कहा कि चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह छह बजकर 52 मिनट पर प्रारंभ होगी।
20 मार्च को सुबह चार बजकर 52 मिनट पर यह तिथि समाप्त हो रही है। इसलिए 19 मार्च 2026 को ही चैत्र नवरात्र का त्योहार प्रारंभ होगा।
आचार्य डा. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ‘दैवज्ञ’ ने कहा कि हिंदू शास्त्रों में मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के वाहन का विशेष महत्व बताया गया है, वह इसलिए यह आने वाले समय के लिए शुभ या अशुभ संकेतों की ओर इशारा करता है।
इस बार मां दुर्गा डोली (पालकी) पर सवार होकर आएगी। डोली पर मां दुर्गा का आगमन जीवन में बड़े बदलावों और महत्वपूर्ण सीखों का संकेत देता है।
कलश स्थापना का शुभ समय
आचार्य डा. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ‘दैवज्ञ’ ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन देवी की पूजा के साथ-साथ कलश स्थापित भी किया जाता है। यह बेहद शुभ और सुख-सौभाग्य लेकर आता है।
इस दिन पहला शुभ मुहूर्त सुबह छह बजकर 52 मिनट से सुबह सात बजकर 43 मिनट तक रहेगा।
दूसरा मुहूर्त दोपहर 12 बजकर पांच मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।
नौ दिन की होगी नवरात्र
19 मार्च 2026 : प्रतिपदा नवरात्र- अमावस्या, प्रतिपदा मां शैलपुत्री पूजा और घटस्थापना
20 मार्च 2026 : द्वितीया नवरात्र – मां ब्रह्मचारिणी पूजा
21 मार्च 2026 : तृतीया नवरात्र- मां चंद्रघंटा पूजा
22 मार्च 2026 : चतुर्थी नवरात्र – मां कुष्मांडा पूजा
23 मार्च 2026 : पंचमी नवरात्र मां स्कंदमाता पूजा
24 मार्च 2026 : षष्ठी नवरात्र – मां कात्यायनी पूजा
25 मार्च 2026 : सप्तमी नवरात्र – मां कालरात्रि पूजा
26 मार्च 2026 : अष्ठमी नवरात्र- मां महागौरी पूजा (अष्टमी)
27 मार्च 2026 : नवमी नवरात्र – मां सिद्धिदात्री पूजा (नवमी)
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