नैनीताल। हाई कोर्ट ने टिहरी गढ़वाल जिले के जौनपुर ब्लॉक की भूतसी जिला पंचायत सदस्य सीता देवी मनवाल की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। याचिका में उनके क्षेत्र के हटवाल गांव में एक मदिरा की नई दुकान खोली गई है।
जनाक्रोश भड़कने के बाद दुकान को जिलाधिकारी की ओर से बंद कर दिया गया था, परंतु शराब विक्रेता की अपील के बाद आबकारी आयुक्त ने 16 मई के अपने निर्णय में यह तो लिखा कि आम जनमानस की भावना अनुसार ही शराब की दुकान का संचालन संभव है, परंतु डीएम की ओर से लगाई गई रोक हटा दी और शराब विक्रेता अपनी शराब की दुकान संचालित करने लग गया।
नहीं खोली जा सकती नई दुकान
गौरतलब है कि नई आबकारी नीति के प्रावधान 3.14 में यह स्पष्ट इंगित है कि 2024-25 से संचालित किसी दुकान को तो आगे चलाया जा सकता है, परंतु कोई नई दुकान नहीं खोली जा सकती।
जनहित याचिका दायर होने के बाद आबकारी आयुक्त के फैसले का उल्लेख तो किया गया था, परंतु क्योंकि पांच जुलाई को दाखिल याचिका में आबकारी आयुक्त के 16 मई 2026 के आदेश का जिक्र नहीं था, हाई कोर्ट ने सात जुलाई के अंतरिम आदेश में याचिका संशोधन की छूट देते हुए मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई नियत की थी।
बुधवार को पांच जुलाई 2026 की जनहित याचिका के दाखिले के उपरांत आबकारी आयुक्त ने अपना नया आदेश छह जुलाई 2026 को जारी कर दिया है, जिसमें जनहित याचिका में वर्णित आबकारी नीति के प्रावधान 3.14 के तहत अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि कोई नई मदिरा दुकान नहीं खोली जा सकती और केवल वही दुकानें जो 2024-25 से संचालित थीं, उन्हीं को संचालित होने दिया जाएगा। इसके उपरांत हटवाल गांव में चल रही मदिरा की दुकान को भी बंद कर दिया गया है।
15 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से आबकारी आयुक्त के छह जुलाई के निर्णय और साथ ही साथ हटवाल गांव में संचालित शराब दुकान के बंद होने के तथ्य मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ को बताई गई।
तथ्यों को इंगित करते हुए कोर्ट ने जनहित याचिका निस्तारित कर दी। गौरतलब है कि छह जुलाई 2026 का आबकारी आयुक्त का निर्णय ना केवल टिहरी जनपद बल्कि सभी 13 जनपदों पर लागू कर दिया गया है।

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