(बड़ी खबर) उत्तराखंड ट्रेडिंग के नाम पर 160 लोगों को लगाया चूना, 12 करोड़ की ठगी में मुकदमा दर्ज

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देहरादून। क्रिप्टोकरेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर करीब 12 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में आरोपी लविश चौधरी के खिलाफ रायपुर थाने में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई रायपुर निवासी अनूप सिंह की ओर से अपर सिविल जज, देहरादून की अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र के बाद न्यायालय के आदेश पर की गई।

अनूप सिंह ने आरोप लगाया कि मुजफ्फरनगर के घासीपुरा निवासी लविश चौधरी उर्फ नवाब अली ने बोटब्रो, यार्कर एफएक्स, यार्कर कैपिटल और बोट अल्फा समेत विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों से निवेश कराया। आरोप है कि निवेशकों को हर महीने पांच से छह प्रतिशत तक रिटर्न देने का भरोसा दिया जाता था।

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शिकायत के अनुसार, करीब तीन साल पहले वेबसाइट और अन्य माध्यमों से लोगों को निवेश के लिए जोड़ा गया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों से रकम जमा कराई गई। आरोप है कि अक्टूबर 2025 के बाद निवेशकों की रकम की निकासी रोक दी गई और इसके बाद आरोपी कथित तौर पर गायब हो गया।

अनूप सिंह का कहना है कि देहरादून क्षेत्र के करीब 160 लोग इस मामले से प्रभावित हुए हैं और कुल रकम करीब 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच रायपुर थाने और अन्य अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अदालत का रुख करना पड़ा। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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पहले भी दर्ज हो चुका है 25 करोड़ की ठगी का मुकदमा

लविश चौधरी के खिलाफ रायपुर थाने में इससे पहले भी करीब 25 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मुकदमा दर्ज हो चुका है। इस मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। बताया जा रहा है कि पूरा मामला देशभर में फैले एक बड़े निवेश नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही हैं।

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5 से 10 प्रतिशत रिटर्न का दिया जाता था झांसा

शिकायत के मुताबिक, आरोपी द्वारा बोटब्रो, बोट अल्फा, क्रास मार्केट और माइन क्रिप्टो जैसे नामों के माध्यम से निवेश कराया जाता था। निवेशकों को हर महीने पांच से 10 प्रतिशत तक रिटर्न मिलने का भरोसा दिया जाता था। इसी लालच में लोगों ने बड़ी रकम निवेश की।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की तलाश और कथित निवेश नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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