आपके नाम पर तो नहीं चल रहे फर्जी सिम ? संचार साथी पोर्टल से घर बैठे करें जांच, फर्जी सिम की पहचान कर घर बैठे कराएं बंद

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रुद्रपुर। मोबाइल सिम के दुरुपयोग और बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने संचार साथी पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने नाम पर जारी सभी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी प्राप्त कर सकता है। यदि किसी अनजान या फर्जी नंबर का पता चलता है तो उसकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराकर उसे बंद कराने की प्रक्रिया भी शुरू कराई जा सकती है।

साइबर ठगी के मामलों में लगातार हो रही वृद्धि

मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी लोगों के पहचान संबंधी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उनके नाम पर मोबाइल सिम जारी करा लेते हैं और इनका इस्तेमाल ठगी सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों में करते हैं।

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राज्य के सभी जिलों के साथ ही ऊधम सिंह नगर में भी समन्वय पोर्टल के माध्यम से 35 से अधिक ऐसे सिम विक्रेताओं की जानकारी सामने आई थी, जिनके द्वारा जारी किए गए मोबाइल सिम देशभर में साइबर ठगी की वारदातों में इस्तेमाल हुए थे।

ऐसे मामलों को देखते हुए संचार साथी पोर्टल आम नागरिकों के लिए सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर सामने आया है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पोर्टल पर उपलब्ध ‘अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी’ विकल्प के माध्यम से उपभोक्ता अपने सक्रिय मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) प्राप्त कर सत्यापन कर सकते हैं। सत्यापन के बाद उनके नाम पर जारी सभी मोबाइल नंबरों की सूची स्क्रीन पर दिखाई देगी।

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यदि सूची में कोई ऐसा मोबाइल नंबर दिखाई देता है, जिसका उपयोग संबंधित व्यक्ति नहीं कर रहा है, तो वह ‘यह मेरा नंबर नहीं है’ अथवा ‘शिकायत दर्ज करें’ विकल्प के माध्यम से इसकी सूचना दे सकता है। शिकायत मिलने के बाद संबंधित दूरसंचार सेवा प्रदाता मामले की जांच कर अनधिकृत सिम को बंद करने की कार्रवाई करता है।

संचार साथी पोर्टल पर खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक कराने, मोबाइल हैंडसेट की वास्तविकता जांचने, भारतीय मोबाइल नंबर प्रदर्शित कर आने वाली अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल की शिकायत करने और ‘चक्षु’ सुविधा के माध्यम से संदिग्ध कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप तथा टेलीग्राम संदेशों की सूचना देने की सुविधा भी उपलब्ध है।

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एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने नागरिकों से समय-समय पर अपने नाम पर जारी मोबाइल सिम की जांच करने और किसी के साथ भी ओटीपी साझा नहीं करने की अपील की है। उन्होंने फर्जी केवाईसी और ग्राहक सत्यापन के नाम पर आने वाली कॉल से सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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