लालकुआँ। चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन नगर क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। सुबह से ही माँ अवंतिका कुंज देवी मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया था। सुबह से ही पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में मां के जयकारे लगाते हुए मंदिर में दर्शन किए।
मंदिर समिति के अध्यक्ष लक्षमण खाती ने कहा कि “नवरात्रि को लेकर मंदिर में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि सभी भक्तगण सुगमता से मां के दर्शन कर सकें।”
मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित शेखर जोशी ने बताया कि “नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। विधि-विधान से पूजा करने पर मां अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए मंदिर में विशेष पूजन और आरती की व्यवस्था की गई है।”
मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मुस्तैद रही।
श्रद्धालुओं का कहना है कि नवरात्रि के पहले दिन मां के दर्शन करने से पूरे वर्ष घर में सुख-शांति बनी रहती है। वहीं, मंदिर में शाम के समय विशेष आरती का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की संभावना है।
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