“नोएडा” के बाद “मोटाहल्दू” में मजदूरों का उबाल: मदरसन फैक्ट्री के बाहर हड़ताल,7 घंटे से ज्यादा कार्य का बहिष्कार

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मोटाहल्दू स्थित मदरसन कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार सुबह बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया। प्रातः करीब 6 बजे से लगभग 200 कर्मचारी फैक्ट्री गेट के बाहर हड़ताल पर बैठ गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये किए जाने और शिफ्ट की समय अवधि 8 घंटे निर्धारित करने की मांग शामिल रही।

कर्मचारियों का आरोप है कि उनसे तय समय से अधिक काम लिया जा रहा है, लेकिन उसके अनुसार वेतन नहीं दिया जाता। इसके अलावा हाल ही में निकाले गए कर्मचारियों की पुनः नियुक्ति की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई, जिससे कर्मचारियों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। करीब 300 महिला और पुरुष कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर मनमानी करने के आरोप लगाए। साथ ही कंपनी की बसों के खराब मेंटेनेंस, चालकों के अनुचित व्यवहार और ‘नो ब्रेक सिस्टम’ जैसी व्यवस्थाओं पर भी नाराजगी जताई।

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प्रशासन की मौजूदगी में कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच वार्ता भी हुई, जिसमें 14 में से 12 मांगों पर सहमति बन गई। हालांकि वेतन संबंधी मांग पर कुछ कर्मचारी अड़े रहे। वार्ता के बाद 50 से अधिक कर्मचारी ड्यूटी पर लौट गए, जबकि कुछ कर्मचारी अपने घर चले गए। इसके बावजूद 100 से अधिक कर्मचारी मुख्य गेट पर प्रदर्शन जारी रखे हुए थे। दोपहर बाद तक कोई नई वार्ता नहीं हो सकी। इस दौरान आंदोलन को समर्थन देने के लिए स्थानीय युवा और जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। काफी देर तक हंगामा और नारेबाजी के बाद धीरे-धीरे प्रदर्शनकारी कर्मचारी अपने-अपने घर लौट गए।

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मौके पर एसपी सिटी मनोज कत्याल, उप जिलाधिकारी लालकुआं रेखा कोहली, कोतवाली प्रभारी ब्रजमोहन सिंह राणा और क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन बिष्ट मौजूद रहे। अधिकारियों और विधायक द्वारा कई बार समझाने के प्रयास किए गए, लेकिन कुछ कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। यहां तक कि विधायक के सामने भी नारेबाजी जारी रही, जिसके बाद उन्हें धरना स्थल से वापस लौटना पड़ा। इधर मदरसन फैक्ट्री के एचआर हेड सुभाष तिवारी ने बताया कि कर्मचारियों की 14 मांगों में से 12 मांगों को मान लिया गया है, जिसके बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेतन सरकार के निर्धारित मानकों के अनुसार दिया जा रहा है और भविष्य में यदि शासनादेश में कोई बदलाव होता है तो उसी के अनुरूप वेतनमान लागू किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कर्मचारियों से कंपनी और उनके बेहतर भविष्य को देखते हुए कार्य पर लौटने की अपील की है।

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