(उत्तराखण्ड) आरक्षण पर गरमाई उत्तराखंड की राजनीति, सदन के बाहर प्रदर्शन कई कोंग्रेसी नेता गिरफ्तार: भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

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 देहरादून भाजपा निंदा प्रस्ताव लाकर विपक्ष को घेरेगी
विधानसभा में विशेष सत्र होने के बाद सभी नगर निगमों की बोर्ड बैठक में भाजपा निंदा प्रस्ताव लाकर विपक्ष को घेरने का प्रयास करेगी। इसके अलावा सभी जिला पंचायतों की बोर्ड बैठक में भी निंदा प्रस्ताव लाए जाएंगे। इससे भी नीचे क्षेत्र पंचायत की बैठकों में भी इसका निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि विपक्ष ने मातृशक्ति का जो अपमान किया है, उसे लेकर पार्टी किसी सूरत में खामोश नहीं रहेगी। भाजपा की विपक्ष को घेरने की तैयारी
नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम पारित न होने के मुद्दे पर भाजपा विपक्ष को घेरे रखना चाहती है। लिहाजा, विधानसभा में आज मंगलवार को विशेष सत्र के बाद भाजपा ने छोटी सरकार (निगम, जिला पंचायत) तक विपक्ष को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सहित कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया
विधानसभा कूच करने जा रही महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित कई महिला कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाहर सड़कों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन


एक तरफ महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर भीतर सदन गरमाया हुआ है, तो वहीं बाहर सड़कों पर हंगामा जारी है। महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए


कांग्रेस नेता यशपाल आर्य ने कहा कि पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण देने का काम कांग्रेस ने किया है। आज पंचायत से लेकर निगम की मेयर तक हमारी बहनें हैं। 2023 में जो कानून पास हुआ था, उसे सरकार ने ही लटका दिया। कहा कि महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। हमारी मांग है कि वर्तमान लोकसभा की सीटों पर ही ये लागू किया जाए। उत्तराखंड के अगले विधानसभा चुनाव में ही महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाए।

2023 के कानून को लागू क्यों नहीं करना चाहती भाजपा?
सदन में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि सरकार आठ साल का इंतजार करा रही है। 2034 तक ये कानून लागू हो पाएगा। 2023 के कानून को लागू क्यों नहीं करना चाहती भाजपा। कहा कि यह
राजनीतिक जमीन को बचाने का मामला है। कोई महिलाओं को अधिकार देने का नहीं है।

यशपाल आर्य ने कहा कि मैं सत्ता पक्ष से पूछना चाहता हूं कि इस सत्र को बुलाने का क्या औचित्य है। जब कानून 2023 में लागू हो चुका था तो इसको लागू करने में इतना समय क्यों लगाया गया। अब तक क्यों लागू नहीं किया गया। कहा कि केंद्र सरकार कह रही है कि हम 2029 में महिलाओं को आरक्षण देंगे लेकिन जनगणना में इतना समय लगेगा तो कैसे संभव होगा। भाजपा सपने दिखाने और सपने गढ़ने में सबसे आगे है।