लालकुआँ अवंतिका कुंज मंदिर में श्रद्धा भक्ति के साथ होली का पारम्परिक उत्सव “शिव के मन मा ही बसे काशी” जैसे भक्तिपूर्ण कुमाऊंनी होली गीतों के साथ शुरू,देखे वीडियो

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लालकुआं: अवंतिका मंदिर प्रांगण में आज होली का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ भव्य रूप से मनाया गया। मातृ शक्तियों के समूह ने मंदिर में होली गाकर मां अवंतिका के चरणों में अपने आराधना के पुष्प अर्पित किए। मंदिर परिसर में उल्लास का माहौल व्याप्त रहा और भक्तों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दी।
मंदिर प्रांगण में होली के अवसर पर देवी को अर्पित विशेष गीतों का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने मिलकर मां अवंतिका की महिमा का गायन किया। यह परंपरा केवल आनंद के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व की होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मां अवंतिका दरबार में होली गीत गानने का महत्व बहुत गहरा है। ये गीत भक्तों के हृदय को शुद्ध करते हैं, आस्था को प्रगाढ़ बनाते हैं और सामूहिक भक्ति की ऊर्जा को जाग्रत करते हैं। हर स्वर और हर शब्द में देवी के प्रति श्रद्धा प्रकट होती है और यह भावना मंदिर के वातावरण को दिव्यता से भर देती है।
भक्तों ने बताया कि इस प्रकार की भक्ति-पूर्ण होली केवल खेल-तमाशा नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने का एक माध्यम है। मंदिर परिसर में आज का यह आयोजन भक्तों के लिए यादगार बन गया, जहां भक्ति, उल्लास और प्रेम का अद्भुत संगम देखने को मिला ।

पहाड़ी होली के गीतों में झोड़ा करती महिलाएं