“उत्तराखंड” तराई में फिर सक्रिय आतंकी नेटवर्क, पुलिस ने हथियारों के साथ दो को दबोचा

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रुद्रपुर।
कुमाऊं मंडल की शांत वादियों में आतंकी गतिविधियों की दस्तक से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सितारगंज से गिरफ्तार अंतरराज्यीय असलहा तस्करों के तार जम्मू-कश्मीर के अलबदर आतंकी संगठन के ओवर ग्राउंड वर्कर रेहान से जुड़े होने का खुलासा हुआ है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी रेहान को असलहा सप्लाई करते थे और उनके बीच करीब 15 बार बैंक ट्रांजेक्शन भी हुआ था। दिल्ली स्पेशल सेल ने वर्ष 2021 में रेहान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें हरेंद्र सिंह उर्फ हनी को वांछित बताया गया था।
गुरुवार को पुलिस और एसओजी टीम ने सितारगंज निवासी हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा उर्फ रानू को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से पांच अवैध असलहे और 300 से अधिक कारतूस बरामद किए। पूछताछ में हरेंद्र के आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने की पुष्टि हुई है।

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तराई क्षेत्र में पहले भी रही हैं संदिग्ध गतिविधियां
90 के दशक में जब उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश का हिस्सा था, तब तराई क्षेत्र में खालिस्तानी उग्रवाद सक्रिय रहा। बाद में इन गतिविधियों में कमी आई, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए समय-समय पर इसकी हलचल देखी जाती रही है। पुलिस ऐसे मामलों में संदिग्ध लोगों की पहचान कर काउंसलिंग भी करती रही है।
वहीं, वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य गठन के बाद तराई-भाबर क्षेत्र में माओवादी गतिविधियां भी सामने आईं। ऊधम सिंह नगर और नैनीताल जिले के नानकमत्ता, दिनेशपुर, गदरपुर, चोरगलिया और सितारगंज के जंगलों में माओवादियों की सक्रियता उजागर हो चुकी है। बीते वर्षों में पुलिस और खुफिया एजेंसियां कई इनामी माओवादियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं।

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पहले भी सामने आ चुके हैं आतंकी कनेक्शन
1. वर्ष 2020 में यूपी एटीएस ने पंतनगर से जुड़े अलकायदा एजेंट इनामुल हक को बरेली से गिरफ्तार किया था।
2. वर्ष 2022 में बाजपुर और केलाखेड़ा में आतंकी सुखप्रीत उर्फ सुख के छिपे होने का मामला सामने आया था।
3. वर्ष 2023 में टारगेट किलिंग की साजिश रच रहे आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था।
4. वर्ष 2024 में एनआईए ने आईएसआईएस से जुड़े तीन आतंकियों को दिल्ली से पकड़ा, जिनका कनेक्शन कुमाऊं क्षेत्र से भी जुड़ा मिला।

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एसएसपी का बयान
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि अलबदर आतंकी संगठन से जुड़े ओवर ग्राउंड वर्कर रेहान को हरेंद्र सिंह उर्फ हनी असलहे सप्लाई करता था। दोनों के बीच कई बार आर्थिक लेनदेन भी हुआ है। मामले की गहन जांच की जा रही है और अन्य संभावित कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं।


निष्कर्ष
लगातार सामने आ रहे मामलों से साफ है कि कुमाऊं मंडल में आतंकी नेटवर्क सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, पुलिस और खुफिया एजेंसियों की सतर्कता से इन साजिशों का समय रहते खुलासा हो रहा है।

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