(उत्तराखंड) दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को राहत, आयोग खुद पहुंचकर सुनेगा शिकायतें

Oplus_131072

खबर शेयर करें 👉

देहरादून न्यूज़- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग प्रदेशभर में ‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान शुरू करने जा रहा है। इस अभियान के तहत 9 मार्च से 13 मार्च के बीच राज्य के सभी 13 जिलों में विशेष महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में महिलाओं की शिकायतों की मौके पर सुनवाई की जाएगी और लंबे समय से लंबित मामलों की भी समीक्षा की जाएगी।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने बताया कि प्रदेश के कई दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर आयोग के मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने यह पहल शुरू की है, जिसके तहत आयोग की टीम खुद जिलों में जाकर महिलाओं की समस्याएं सुनेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को उनके ही क्षेत्र में न्यायिक प्रक्रिया से जोड़ना और उन्हें त्वरित राहत दिलाना है।अभियान के दौरान केवल नई शिकायतें ही दर्ज नहीं की जाएंगी, बल्कि सरकारी विभागों में महिलाओं से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा की जाएगी। आयोग पुलिस, समाज कल्याण, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग के साथ समन्वय कर मामलों की स्थिति की जांच करेगा, ताकि लंबे समय से लंबित मामलों का जल्द निस्तारण हो सके।गंभीर मामलों को मिलेगी प्राथमिकता
जनसुनवाई कार्यक्रमों में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, संपत्ति विवाद, मानव तस्करी और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा। आयोग के अनुसार जिन मामलों में कार्रवाई लंबित पाई जाएगी, उनमें संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

प्रशासनिक अधिकारी भी रहेंगे मौजूद
प्रत्येक जिले में आयोजित होने वाली जनसुनवाई में जिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इससे शिकायतों पर तत्काल कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। आयोग की अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य अलग-अलग जिलों में इन कार्यक्रमों की अध्यक्षता करेंगे।महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने प्रदेश की महिलाओं से अपील की है कि वे बिना किसी डर या झिझक के अपनी समस्याएं आयोग के सामने रखें, ताकि उन्हें समय पर न्याय मिल सके।