‘चाय-पानी’ विवाद में बीजेपी के जिला पंचायत सदस्य अपनी ही पार्टी के विधायक पर भड़के

Oplus_131072

खबर शेयर करें 👉

रामनगर: उत्तराखंड में बीजेपी नेताओं के आपसी विवाद के मामले सामने आते रहते हैं. ऐसा ही एक मामला अल्मोड़ा जिले से सल्ट क्षेत्र से सामने आया है, जहां बीजेपी के दो नेताओं में जमकर बहस हुई. इस बहस का वीडियो भी सामने आया है. बताया जा रहा है कि बहस एक कार्यक्रम के दौरान मामूली सी बात को लेकर शुरू हुई तो बाद बढ़ गई.

जानकारी के मुताबिक, कल यानी बुधवार 18 फरवरी को जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के तहत अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र के न्याय पंचायत मछोड़ के राजकीय इंटर कॉलेज में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया था. इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना था.

शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर ही लाभार्थियों का पंजीकरण भी किया गया. लेकिन इसी दौरान शिविर में उस समय माहौल गरमा गया, जब बीजेपी विधायक महेश जीना और भाजपा के जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी के बीच कहासुनी हो गई.

बताया जा रहा है कि ग्रामीणों को चाय-पानी वितरण को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते बहस में बदल गया. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी ने विधायक निधि के खर्च पर सवाल उठाते हुए आरटीआई के आधार पर आरोप लगाए कि दरी, ढोलक और अन्य सामान की खरीद में अनियमितता हुई है.

उन्होंने दावा किया कि 10,500 रुपये की दरी, 8000 रुपये की ढोलक और 2500 रुपये के चिमटे की खरीद दर्शायी गई है, जो बांटा गया. हालांकि इस मामले में आधिकारिक स्तर पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल वीडियो के बाद क्षेत्र की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है.

वहीं, इस मामले पर सल्ट विधायक महेश जीना का भी बयान आया है. उन्होंने कहा कि,

शिविर में जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी ने कार्यक्रम स्थल के अंदर ही खाने-पीने की व्यवस्था की थी. प्रशासन ने इस पर आपत्ति जताते हुए व्यवस्था को बाहर करने के निर्देश दिए थे. इसी के बाद हंसा नेगी भड़क गए और अनावश्यक विवाद करने लगे. राजनीतिक लाभ और सहानुभूति लेने के उद्देश्य से इस प्रकार की व्यवस्था की जा रही थी.

  • महेश जीना, सल्ट विधायक –

उधर, जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारा है. हंसा नेगी का कहना है कि उस शिविर में काफी दूर से लोग पहुंचे थे. उनके लिए ही अंदर खाने-पीने और चाय-पानी का इंतजाम किया गया था. उनके द्वारा लोगों को पहले से ही शिविर की जानकारी दी गई थी. पूरी व्यवस्था जनसहयोग के रूप में की गई थी, जिसका विरोध गलत तरीके से किया गया है.
बहुउद्देशीय शिविर में भिड़े भाजपा के ही ‘माननीय’; विधायक और जिला पंचायत सदस्य के बीच तीखी नोकझोंक