रुद्रपुर: खेड़ा क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत की जांच करने पहुंची प्रशासनिक टीम उस समय हैरान रह गई, जब एक मकान के भीतर ही मजार बनाए जाने का मामला सामने आया. आरोप है कि सरकारी जमीन पर कब्जा जमाने के लिए व्यक्ति ने अपने पिता को घर के अंदर दफनाकर वहां मजार का स्वरूप दे दिया. महापौर विकास शर्मा और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की और अवैध निर्माण पर कार्रवाई के निर्देश दिए.
जानकारी के अनुसार खेड़ा स्थित चांद मस्जिद के पास सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत प्रशासन को मिली थी. शिकायत के आधार पर महापौर विकास शर्मा, एडीएम पंकज उपाध्याय, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी पांडे और नगर निगम व प्रशासन के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे. जांच के दौरान पता चला कि सरकारी भूमि पर अवैध रूप से एक मकान बनाया गया है. उसी मकान के भीतर मजार जैसी संरचना तैयार की गई है.
मौके पर पूछताछ में सामने आया कि अब्बास नामक व्यक्ति ने अपने पिता के निधन के बाद उन्हें घर के भीतर ही दफना दिया. बाद में उस स्थान को मजार का रूप दे दिया. आरोप यह भी है कि इस निर्माण को पुराना दिखाने के लिए उसे पन्नी और अन्य सामान से ढककर रखा गया था, ताकि किसी को इसकी वास्तविकता का पता न चल सके.
प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी. प्रारंभिक जांच में सरकारी भूमि पर कब्जे की बात सामने आने के बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण को लेकर विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अधिकारियों ने मौके पर ही पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर अन्य संभावित अतिक्रमणों की भी जानकारी जुटाई.
महापौर विकास शर्मा ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा प्रदेश सरकार सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पूरे उत्तराखंड में अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. कई स्थानों पर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है.
महापौर ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का निधन होता है तो उसके अंतिम संस्कार या दफन की व्यवस्था निर्धारित स्थानों पर की जानी चाहिए. सरकारी भूमि पर इस प्रकार कब्जा कर धार्मिक स्वरूप देना पूरी तरह गलत है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
वहीं, एडीएम पंकज उपाध्याय ने बताया कि आरोपी को नोटिस जारी किया जा रहा है. पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी. यदि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा और प्लॉट बेचने के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि सीज की गई अवैध मजार को हटाने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी.
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