(कुमाऊँ) 2016 में हुआ सर्वे, लेकिन 10 साल बाद भी नहीं बनी पांच किमी सड़क

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अल्मोड़ा। भले ही सरकार गांव-गांव तक विकास का दावा करते नजर आए, लेकिन जमीनी हकीकत ठीक इसके उलट है।
धौलादेवी ब्लाक के खोला ग्राम पंचायत का तोक गुनाई के ग्रामीण आज भी सड़क का इंतजार कर रहे हैं, मूलभूत सुविधाएं नहीं होने से युवा गांव से पलायन कर चुके हैं।
स्थिति यह है कि यदि गांव में कोई बीमार पड़ता है तो मुख्य सड़क तक लाने के लिए लोग नहीं हैं। ऐसे में महिलाएं और बुजुर्ग डोली के सहारे बीमार लोगों को सड़क तक पहुंचाने को मजबूर हैं।

धौलादेवी के खोला ग्राम पंचायत का तोक गुनाई वर्षों से सड़क की राह ताक रहा है। सड़क नहीं होने से बीमार लोगों को डोली के सहारे अस्पताल या फिर मुख्य सड़क तक डोली से पहुंचाना मजबूरी बन गया है।
दो दिन पूर्व ही गुनाई निवासी उमेद सिंह की पत्नी ममता देवी का अचानक स्वास्थ्य बिगड़ गया। स्वास्थ्य अधिक बिगड़ने से स्वजन परेशान हो गए, गांव में युवाओं के अभाव से मुश्किलें और बढ़ गईं। लेकिन फिर गांव की ही महिलाएं और बुजुर्ग आगे आए।

बीमार महिला को डोली में बैठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। जहां से नजदीकी अस्पताल के बाद महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में हल्द्वानी स्थित एक अस्पताल में महिला का उपचार चल रहा है।

2016 में हुआ था सर्वे, एक दशक में नहीं बन पाई पांच किमी सड़क

मुख्य सड़क से गांव का जोड़ने के लिए वर्ष 2016 में सर्वे हुआ, लेकिन एक दशक बीत जाने के बाद भी अब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कर क्षेत्र को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने की मांग की है।

कई बार सड़क निर्माण शीघ्र शुरू करने के लिए मांग कर चुके हैं। बीते दिनों बहुउद्देशीय शिविर में भी मामले को उठा चुके हैं। लेकिन अब तक सड़क नहीं बनने से ग्रामीण आए दिन परेशानी झेल रहे हैं।रमा गैड़ा, प्रधान ग्राम पंचायत खोला।
सड़क के लिए क्षतिपूरक पौधरोपण को भूमि मिल गई है। अग्रिम कार्रवाई के लिए वन विभाग को फाइल भेजी थी, कुछ आपत्तियां लगकर फाइल वापस आ गई हैं। फिर से फाइल तैयार कर वन विभाग को भेजी जाएगी, जिसके बाद सड़क निर्माण की कार्रवाई शुरू होगी।
पूरन चंद्र बहुगुणा, अपर सहायक अभियंता, लोनिवि निर्माण खंड।