यहां उल्टी-दस्त के बाद खुला राज: शिशी में दवा नहीं जहर था

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ऊधमसिंहनगर किच्छा में एक 13 साल की बच्ची ने दवाई की शिशी समझकर गलती से कीटनाशक चाट लिया। बच्ची की तबियत बिगड़ने पर पिता उसे निजी क्लीनिक में ले गए। इसके बाद भी तबियत में सुधार नहीं होने पर बच्ची को हल्द्वानी के डा. सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती किया गया।
जहां उपचार के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।

ऊधमसिंहनगर किच्छा के पुलभट्टा क्षेत्र में ट्रक ड्राइवर अफरोज अपने चार बच्चों के साथ रहते हैं। उनकी तीसरे नंबर की बेटी अर्शी 13 साल की है। मंगलवार की सुबह वह घर में झाडू लगा रही थी। इस दौरान उसे एक शिशी पड़ी हुई मिली। अर्शी ने शिशी को दवाई का सीरप समझा। जिसपर उसने इसे टेस्ट करने के लिए हल्का सा चाट लिया।

मोर्चरी में किया जा रहा है शव का पोस्टमार्टम

इसके कुछ देर बाद ही अर्शी को उल्टी दस्त होने लगे। अर्शी ने पिता को फोन करके तबियत खराब होने की बात बताई। अफरोज ने बताया कि अर्शी के फोन करते ही वह हल्द्वानी के कमलुवागांजा से सीधे अपने घर पहुंचे। उन्होंने अर्शी को निजी क्लिनिक में दिखाया।

चिकित्सक की दवा से भी सुधार नहीं होने पर जब अफरोज ने अर्शी से पूछा कि तुमने क्या खाया। तब अर्शी ने पिता को बताया कि घर में पड़ी एक शिशी को चाट लिया था। जब अफरोज ने शिशी देखी तो वह किटनाशक दवा निकली। इसके बाद अफरोज ने यह बात निजी क्लिनिक के डाक्टर को बताई।

चिकित्सक ने तुरंत अर्शी को डा. सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाने की सलाह दी। अफरोज ने बताया कि वह मंगलवार की शाम अर्शी को अस्पताल लाए। उपचार के दौरान अर्शी की मौत हो गई। इधर, मोर्चरी में शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।